आँखो के रास्ते से आता हैं कोई आहिस्ता आहिस्ता
सपने मेरे चुराता हे कोई आहिस्ता आहिस्ता
दिल मैं उत्तर जाता हैं कोई आहिस्ता आहिस्ता
प्यार भरे नगमें सुनता हैं कोई आहिस्ता आहिस्ता
दूर रह कर भी मुस्करता हैं कोई आहिस्ता आहिस्ता
संग चलने को बुलाता हे कोई आहिस्ता आहिस्ता
कांटो भारी बाहें फेलता हे कोई आहिस्ता आहिस्त
भरे ज़ख़्मो को नम करता हे कोई आहिस्ता आहिस्ता
ए साकी तेरे मेखाने फिर डूब जाने को
संगदिल बुलाता हे कोई आहिस्ता आहिस्ता
मन मोहन